कर्पूरगौरम करुणावतारम संसारसारं भुजगेंद्रहारमसदावसंतम हृदयारविन्दे भवम भवानी सहितं नमामिकर्पूर के समान चमकीले गौर वर्णवाले ,करुणा के साक्षात् अवतार, इस असार संसार के एकमात्र सार, गले में भुजंग की माला डाले, भगवान शंकर जो माता भवानी के साथ भक्तों के हृदय कमलों मेंसदा सर्वदा बसे रहते हैं ,हम उन देवाधिदेव की वंदना करते हैं !!"महामहिमामय देवों के देव महादेव का स्वरूप तेजोमय और कल्याणकारी है !"शिव" का शब्दार्थ है " कल्याण" !!पुरातन काल से ओंकार" के मूल ,विभु ,व्यापक , तुरीय शिव के निराकार ब्रह्म
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